इंटरनेट बैंकिंग: सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग के लिए इन 6 टिप्स का रखें ध्यान

इस आधुनिक इंटरनेट के युग में ऑनलाइन बैंकिंग एक बेहतर और सुविधाजनक सुविधा है। बिल भुगतान करना हो या पैसे ट्रांसफर और रेकरिंग डिपॉज़िट की, हम अब इन कामों के लिए इंटरनेट बैंकिंग पर निर्भर हो गए हैं। न बैंक जाने की झंझट और न कतार में खड़े होकर टाइम वेस्ट। बस कुछ क्लिक और सभी काम घर बैठे निबटा लिए जाते हैं। लेकिन नेट बैंकिंग के लिए कुछ सावधानी बरतनी जरूरी हैं क्योंकि यहां कुछ जोखिम भी आते हैं। ऑनलाइन स्कैमर्स नज़रें गड़ाए बैठे हैं और जरूरी है किसी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी को गोपनीय बनाए रखना। जिस तरह आप लोगों को एटीएम में लूटे जाने, या उनके कार्डों के क्लोन होने के बारे में सुनते हैं, उसी तरह ऑनलाइन खाते भी जोखिम में होते हैं।

जानें सुरक्षित नेट बैंकिंग के कुछ टिप्स..:

1. Two Factor Authentication को सक्रिय करके खाता सुरक्षित करें

टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को सक्रिय करने के लिए सबसे जरूरी बात का ध्यान रखें कि आपका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी आपके बैंक खाता के साथ रजिस्टर्ड हो।
इन दिनों कई बैंक टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन प्रदान करते हैं, जैसे कि जब आप अपने ऑनलाइन बैंकिंग में लॉगइन करते वक्त पासवर्ड डालने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पर OTP (One Time Password) भेजता है और यह कोड केवल बहुत कम समय के लिए मान्य रेहता है।
मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टर्ड कराने से आपके अपने बैंक खाते से जुड़ी आवश्यक सूचना या अलर्ट मेल या मोबाइल मैसेज के जरिए मिलता रहेगा।

2. नियमित रूप से पासवर्ड बदलें और ध्यान रखें कि यह मजबूत हो.

हमेशा पासवर्ड रखते समय कॉमन वर्ड्स का उपयोग करने से बचें और कभी भी ऐसा पासवर्ड न बनाएं जिसमें आपका नाम, मोबाइल नंबर या आपकी जन्मतिथि हो। नियमित रूप से 1-2 हफ्ते में पासवर्ड बदलते रहे।
एक मजबूत लॉगइन पासवर्ड प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पासवर्ड को 8-16 डिजिट लंबा और upper और lower case letters, numbers, और special characters को एक साथ मिक्स रखें।
जैसे कि Xyzabcd@001122

3. हमेशा अपने निजी कम्प्यूटर या स्मार्टफोन का यूज करें.

अगर आप कोई ऐसा कंप्यूटर यूज कर रहे हैं जिसपर आपके बाद कोई और भी बैठता है (जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पब्लिक कंप्यूटर इत्यादि) तो वहां से नेट बैंकिंग न करें. यहां से आपकी बैंकिंग डीटेल चोरी होने का खतरा ज्यादा होता है. यदि आपको सार्वजनिक जगहों से लॉगिन करने की जरूरत पड़े तो यूज करने के बाद तुरंत लॉग आउट कर दें और यह सुनिश्चित करें कि ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कैशे डिलीट हो जाये. इसके साथ ही कंप्यूटर से सभी टेम्पररी फाइल डिलीट करें. ब्राऊजर पर कभी भी अपनी लॉग इन आईडी और पासवर्ड सेव करने के ऑप्शन पर क्लिक न करें.

4. अपना इंटरनेट बैंकिंग URL टाइप करके ही करें

यह एक ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने की तुलना में ब्राउज़र के एड्रेस बार में अपना बैंक URL (Uniform Resource Locator) यानी कि आपके बैंक का प्रमाणिक वेब ऐड्रेस टाइप करना अधिक सुरक्षित है।
धोखाधड़ी करने वालों के ऐसे उदाहरण हैं जो जालसाज़ वेबसाइटों लिंक के साथ ईमेल या SMS भेजते हैं जो बिलकुल वास्तविक वेबसाइट की तरह डिज़ाइन किए गए होते हैं। एक बार जब आप ऐसी वेबसाइट पर अपना लॉगिन विवरण दर्ज करते हैं तो वहां आपका दिया गया डाटा रिकॉर्ड हो जाता है, तो फिर उसका उपयोग आपके खाते तक पहुंचने और आपके पैसे चोरी करने के लिए किया जा सकता है।
लॉग इन करते समय, URL में ‘https: //’ के बाद जाँच करें और सुनिश्चित करें कि यह आपके बैंक की प्रामाणिक (Authentic) वेबसाइट हो।

5. अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करें.

ध्यान रखें कि कम्प्यूटर को फिशिंग, मैलवेयर या दूसरे खतरे से बचाने के लिए हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्वेयर का इस्तेमाल करें। एंटी वायरस उन स्पाई वेयर को पहचानने और दूर करने में मदद करता है जो आपकी गोपनीय सूचना में सेंध लगा सकते हैं और साथ ही साथ अपने निजी कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम और उसके ब्राउज़िंग सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट रखें।

स्मार्टफोन यूजर को भी हमेशा यह ध्यान रखना चाहिये कि उसका फ़ोन लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच और ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस है. आपको अपने फोन से किसी भी सिक्योरिटी कंट्रोल हटाना नहीं चाहिए. इसे जेल ब्रेकिंग या रूटिंग कहते हैं. एप डाउनलोड करते समय हमेशा लिमिटेड एक्सेस दें और जो बहुत जरूरी हों, सिर्फ उन्हीं एप को डाउनलोड करें.

6. अपने एकाउंट को रेगुलर चेक करें.

अपने इंटरनेट बैंकिंग को लगातार चेक करते रहें, ध्यान रहे कि किसी भी ऑनलाइन ट्रांज़ेक्शन के बाद अपना अकाउंट चेक करें और अपनी वेबसाइट पर लास्ट लॉगइन की डेट भी चेक करें. अगर आप कोई ऐसी एक्टिविटी देखें, जो आपने नहीं की है तो बैंक को इस बारे में तुरंत सूचित करें. अपना पासवर्ड भी बदल लें.
अगर आपको कोई गड़बड़ी लगती है तो तुरंत अपने बैंक को जानकारी दें। हमेशा बैंक का हेल्पलाइन नंबर और अपना बैंक अकाउंट अपने पास रखें ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में आप नेट बैंकिंग को तुरंत ब्लॉक करवा सकें।

नेटबैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग का काम हो जाने पर हमेशा लॉग आउट करें।

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